पिछली जाँच: अक्टूबर 2026। नियम और दरें बदलती रहती हैं। यह गाइड सामान्य जानकारी है, कर या कानूनी सलाह नहीं।
यह गाइड उन भारतीय निर्माताओं और व्यापारियों के लिए है जो युगांडा या किसी अन्य अफ्रीकी देश को अपना पहला शिपमेंट भेज रहे हैं। इसमें वे पंजीकरण हैं जो एक बार चाहिए, वे दस्तावेज़ जो हर शिपमेंट के लिए चाहिए, और भुगतान पाने के नियम।
पंजीकरण जो एक बार चाहिए
- आयातक-निर्यातक कोड (IEC)। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) जारी करता है। इसके बिना आप निर्यात नहीं कर सकते। हर साल अप्रैल से जून के बीच DGFT पोर्टल पर अपना विवरण अपडेट करें, वरना कोड निष्क्रिय हो सकता है।
- जीएसटी पंजीकरण। निर्यात शून्य-दर पर होते हैं। आप या तो लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग (LUT) के तहत बिना कर दिए निर्यात करते हैं, या एकीकृत जीएसटी देकर रिफंड का दावा करते हैं।
- एडी कोड। आपका बैंक अधिकृत डीलर (Authorised Dealer) कोड जारी करता है। पहले शिपमेंट से पहले इसे उस बंदरगाह के सीमा शुल्क विभाग में पंजीकृत कराएँ जहाँ से आप माल भेजेंगे।
- ICEGATE खाता। सीमा शुल्क का पोर्टल, जहाँ आप या आपका कस्टम ब्रोकर शिपिंग बिल दाखिल करते हैं।
- निर्यात संवर्धन परिषद में पंजीकरण। अधिकांश निर्यात प्रोत्साहनों का दावा करने के लिए पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र (RCMC) चाहिए।
जाँचें कि आपके उत्पाद का निर्यात मुक्त है
भारत की निर्यात नीति हर उत्पाद को टैरिफ़ कोड के अनुसार मुक्त, प्रतिबंधित या निषिद्ध के रूप में सूचीबद्ध करती है। प्रतिबंधित वस्तुओं के लिए DGFT से लाइसेंस चाहिए। दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं की अपनी नियंत्रण सूची है। कोटेशन देने से पहले अपना टैरिफ़ कोड जाँच लें।
हर शिपमेंट के दस्तावेज़
- वाणिज्यिक इनवॉइस और पैकिंग सूची, जो आप जारी करते हैं।
- शिपिंग बिल, जो सीमा शुल्क विभाग में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल होता है।
- समुद्री माल के लिए बिल ऑफ़ लेडिंग या हवाई माल के लिए एयरवे बिल, जो वाहक जारी करता है।
- उद्गम प्रमाणपत्र। गैर-वरीयता प्रमाणपत्र DGFT के eCoO प्लेटफ़ॉर्म से इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी होते हैं। जनवरी 2025 से इलेक्ट्रॉनिक फ़ाइलिंग अनिवार्य है।
- युगांडा जाने वाले नियंत्रित माल के लिए अनुरूपता प्रमाणपत्र (Certificate of Conformity)। निर्यात-पूर्व निरीक्षण पर हमारी गाइड देखें।
तय करें कि कौन क्या देगा
हर कोटेशन में एक इनकोटर्म इस्तेमाल करें। FOB में आप भारतीय बंदरगाह पर माल जहाज़ पर चढ़ा देते हैं और भाड़ा व बीमा खरीदार देता है। CIF में गंतव्य बंदरगाह तक का भाड़ा और बीमा आप देते हैं। दोनों ही स्थितियों में अफ्रीकी सीमा शुल्क अधिकारी आमतौर पर CIF मूल्य पर शुल्क लगाते हैं।
भुगतान पाना
निर्यात का भुगतान किसी अधिकृत बैंक के ज़रिए आना चाहिए और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा तय समय सीमा के भीतर भारत लाया जाना चाहिए। नवंबर 2025 में यह सीमा निर्यात की तारीख से 9 महीने से बढ़ाकर 15 महीने कर दी गई।
प्रोत्साहन जिनका दावा करना चाहिए
- RoDTEP माल में शामिल केंद्रीय, राज्य और स्थानीय करों को FOB मूल्य के प्रतिशत के रूप में लौटाता है।
- ड्यूटी ड्रॉबैक निर्यात किए गए माल में लगे आयातित इनपुट पर दिया गया सीमा शुल्क लौटाता है।
Indhows कैसे मदद करता है। हमारे साथ काम करने वाले भारतीय आपूर्तिकर्ताओं को अफ्रीका में खरीदार मिलते हैं और गंतव्य की कागज़ी कार्रवाई में मदद मिलती है। देखें Indhows के ज़रिए बिक्री कैसे होती है।